Pan Card New Rule: कई बार जिंदगी में ऐसे पल आते हैं जब किसी अपने के जाने के बाद भी हमें उनके अधूरे काम पूरे करने पड़ते हैं। किसी परिवार के सदस्य के निधन के बाद जहां भावनाओं को संभालना मुश्किल होता है, वहीं जरूरी होता है उनके सभी दस्तावेजों को सही तरीके से बंद या निष्क्रिय करना। इनमें सबसे अहम दस्तावेज़ होता है पैन कार्ड। सरकार ने अब पैन कार्ड से जुड़े कुछ नए नियम लागू किए हैं, जिनकी जानकारी हर नागरिक को होनी चाहिए ताकि किसी प्रकार का जुर्माना न देना पड़े।
नया नियम क्या है
सरकार ने पैन कार्ड के उपयोग और उसके निष्क्रिय करने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और उसके पैन कार्ड को समय रहते निष्क्रिय नहीं किया गया, तो उसके नाम से किसी प्रकार की वित्तीय लेनदेन या टैक्स संबंधित गतिविधि होने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना अधिकतम 10 हजार रुपये तक हो सकता है। इसलिए परिवार के लोग इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मृत्यु के बाद संबंधित व्यक्ति का पैन कार्ड समय पर सरेंडर किया जाए।
क्यों जरूरी है पैन कार्ड निष्क्रिय करना
मृत व्यक्ति के नाम से पैन कार्ड सक्रिय रहने पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा या अवैध लेनदेन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे मामलों में कानूनी परेशानी परिवार के सदस्यों पर आ सकती है। इसलिए पैन कार्ड को तब तक अपने पास सुरक्षित रखें जब तक मृत व्यक्ति से जुड़े सभी बैंक खाते या आयकर संबंधित प्रक्रियाएं पूरी न हो जाएं। जैसे ही यह सारी प्रक्रिया पूरी हो जाए, उसके बाद पैन कार्ड को आयकर विभाग में सरेंडर कर देना चाहिए।
पैन कार्ड सरेंडर कैसे करें?
मृत व्यक्ति का पैन कार्ड सरेंडर करने के लिए आयकर विभाग में आवेदन देना होता है। इसके लिए संबंधित असेसिंग ऑफिसर को एक पत्र लिखना होता है। पत्र में मृत व्यक्ति का नाम, पैन नंबर, जन्म तिथि और मृत्यु प्रमाण पत्र की कॉपी संलग्न करनी होती है। इसके बाद अधिकारी उस पैन कार्ड को निष्क्रिय कर देते हैं।
वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस का क्या करें?
पैन कार्ड की तरह अन्य दस्तावेज़ों को भी सही तरीके से संभालना जरूरी है। वोटर आईडी रद्द कराने के लिए निर्वाचन कार्यालय में जाकर फॉर्म 7 भरना होता है और मृत्यु प्रमाण पत्र की कॉपी जमा करनी होती है। प्रक्रिया पूरी होने पर नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाता है।
पासपोर्ट की बात करें तो इसे मृत्यु के बाद जमा कराना अनिवार्य नहीं है। पासपोर्ट की अवधि समाप्त होने के बाद यह अपने आप अमान्य हो जाता है।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कोई निश्चित केंद्रीय व्यवस्था नहीं है। हर राज्य में इसकी अपनी प्रक्रिया होती है। इसलिए मृत व्यक्ति के लाइसेंस से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित आरटीओ कार्यालय से संपर्क करें।