UPI Payment News: UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज ICICI बैंक ने बदले नियम
UPI Payment News: आज के समय में UPI पेमेंट हमारे रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। हर छोटी बड़ी खरीदारी से लेकर ऑनलाइन पेमेंट तक लोग बिना सोचे समझे UPI का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब इसी सुविधा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है जो खासकर ICICI बैंक के ग्राहकों को प्रभावित कर सकती है। नए नियमों के कारण पेमेंट करने वाले यूजर्स और व्यापारियों को आने वाले समय में बदलाव महसूस हो सकता है। इस लेख में हम UPI payment news से जुड़े सभी बदलावों को सरल भाषा में समझेंगे।
UPI Payment News नया चार्ज लागू होने की वजह
ICICI बैंक ने 10 दिसंबर 2025 से UPI ट्रांजैक्शन पर नया चार्ज लागू कर दिया है। यह चार्ज सीधे ग्राहकों पर नहीं बल्कि पेमेंट एग्रीगेटर्स से वसूला जाएगा। बैंक का कहना है कि UPI सिस्टम को मेंटेन करने में बढ़ती लागत को देखते हुए यह कदम आवश्यक हो गया था। हर ट्रांजैक्शन पर NPCI को भी चार्ज देना पड़ता है जिसे अब तक बैंक ही वहन करता था। नए बदलाव का उद्देश्य डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है ताकि सिस्टम सुचारू रूप से चलता रहे।
UPI Payment News कितने का लगेगा चार्ज
ICICI बैंक ने UPI ट्रांजैक्शंस पर दो तरह की फीस तय की है। यदि किसी पेमेंट एग्रीगेटर का एस्क्रो अकाउंट ICICI बैंक में है तो बैंक हर ट्रांजैक्शन पर 0.02 प्रतिशत यानी दो बेसिस प्वाइंट चार्ज लेगा और इसकी अधिकतम सीमा छह रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगी। यदि एग्रीगेटर का अकाउंट ICICI में नहीं है तो यह चार्ज 0.04 प्रतिशत यानी चार बेसिस प्वाइंट हो जाएगा जिसकी अधिकतम सीमा दस रुपये रहेगी। यह शुल्क ग्राहकों से सीधे नहीं लिया जाएगा बल्कि पेमेंट प्रोवाइडर कंपनियों से वसूला जाएगा।
UPI Payment News पेमेंट एग्रीगेटर क्या होते हैं?
पेमेंट एग्रीगेटर्स वे कंपनियां होती हैं जो ऑनलाइन व्यापारियों को ग्राहकों से पेमेंट प्राप्त कराने में सहायता करती हैं। इनमें Paytm PhonePe Razorpay जैसी कंपनियां शामिल हैं। यह कंपनियां मर्चेंट्स और ग्राहकों के बीच पेमेंट प्रक्रिया को सुरक्षित और आसान बनाती हैं। नया चार्ज केवल उन्हीं ट्रांजैक्शंस पर लागू होगा जो सीधे ICICI बैंक के मर्चेंट अकाउंट में सेटल नहीं होते। यदि मर्चेंट का अकाउंट ICICI बैंक में है तो उस पर यह शुल्क नहीं लगेगा।
UPI Payment News ग्राहकों पर क्या असर होगा?
भले ही बैंक ग्राहकों से सीधे यह चार्ज नहीं ले रहा है लेकिन इसका असर भविष्य में देखने को मिल सकता है। पेमेंट एग्रीगेटर्स पर बढ़ा हुआ खर्च आगे चलकर व्यापारियों या उपयोगकर्ताओं पर डाला जा सकता है। लंबे समय तक UPI लगभग फ्री रहा है और इसी वजह से यह सबसे लोकप्रिय पेमेंट सिस्टम बना लेकिन अब आने वाले समय में इसके नियमों में बदलाव होते रह सकते हैं। कुछ अन्य बैंक जैसे Yes Bank और Axis Bank भी पहले ही ऐसे शुल्क लागू कर चुके हैं इसलिए डिजिटल पेमेंट की दुनिया में धीरे धीरे बदलाव दिखने लगे हैं।